વા વિકલ્પ પ્રમાણે ચૂકવવાપાત્ર ટેક્સની રકમ ગણી શકાય તે માટે આવકવેરા વિભાગે ઈ-કેલક્યુલેટર લૉન્ચ કર્યું છે. આવકવેરા વિભાગની અધિકૃત ઈ-ફાઈલિંગ, વેબસાઈટ પર કેલક્યુલેટર ‘હોસ્ટ’ કરવામાં આવ્યું છે. સામાન્ય નાગરિક (સાઠ વર્ષથી ઓછી વય), વરિષ્ઠ નાગરિક (૬૦-૭૯ વર્ષ), તમામ સ્ત્રોતથી થનારી વાર્ષિક આવક પોર્ટલમાં પંચ કરી શકે છે. પાત્ર ડિડકસન (કપાત) અને એકઝેમ્પશન (રાહત) પણ પંચ કરી તેમની કરપાત્ર રકમ જોઈ શકે છે. આ પછી નવો વિકલ્પ સ્વીકારવો કે કપાત, રાહતવાળો જૂનો વિકલ્પ ચાલુ રાખવો તે બાબતમાં કરદાતાઓ નિર્ણય લઈ શકે છે.
હાલમાં વ્યક્તિગત કરદાતાઓને ૫૦,૦૦૦ રૂપિયાનું સ્ટાન્ડર્ડ ડિડકશન મળે છે અને વિવિધ બચત યોજનાઓમાં ૧.૫ લાખ રૂપિયા સુધીની બચત કરી શકે છે. નવા વિકલ્પ પ્રમાણે ૨.૫ લાખથી પાંચ લાખ રૂપિયા સુધીની વાર્ષિક આવક પર પાંચ ટકા ટેક્સ લાગુ પડે છે. પાંચ લાખથી સાડા સાત લાખ રૂપિયા પર ૧૦ ટકા, સાડા સાતથી દસ લાખ રૂપિયા પર ૧૫ ટકા, દસ લાખથી સાડા બાર લાખ રૂપિયા પર ૨૦ ટકા, સાડા બાર લાખ રૂપિયાથી પંદર લાખ રૂપિયા સુધી ૨૫ ટકા અને પંદર લાખથી વધુ આવક પર ૩૦ ટકા ટેક્સ ચૂકવવો પડશે.
ઈ-કેલક્યુલેટરમાં બંને વિકલ્પની સરખામણી કરતો કોઠો ધરાવે છે.
इनकम टैक्स विभाग ने नए टैक्स स्लैब के अनुसार अपने टैक्स का आकलन करने और कितना टैक्स देना होगा इसके जोड़ घटाव के लिए ई-कैलकुलेटर लॉन्च किया है। इस कैलकुलेटर के लिए आपको कही जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह इनकम टैक्स की साइट पर ही उपलब्ध है। यह कैलकुलेटर और टेबल आपको इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक ई-फाइलिंग वेबसाइट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in पर मिल जाएगा। जिसके जरिए आप आराम से अपनी इनकम और टैक्स का जोड़ घटाव कर सकते हैं।
विभाग के अधिकारियों की माने तो इस कैलकुलेटर के जरिए बजट में हुए एलान के मुताबिक जिन लोगों ने नई व्यवस्था को चुना है उनको बिना डिडक्शन और छूट के अपना आईटीआर फाइल करने में मदद मिलेगी। इस कैलकुलेटर में कई ऑप्शन दिए गए हैं। जिसको आपको भरना होगा और फिर इनकम कैलकुलेट होकर आएगी। इसमें पहला ऑप्शन उम्र का है जिसमें तीन कैटेगिरी दी गई है। जिसमें अलग-अलग स्लैब में आने वाले टैक्सपेयर्स इलेक्ट्रॉनिक इनकम टैक्स रिटर्न को फाइल करने के लिए कर सकते हैं
पहला 60 साल से नीचे और दूसरा 60 से 70 साल के बीच और तीसरा 79 साल से उपर। इसके बाद दूसरे नंबर पर अनुमानित वार्षिक आय का ऑप्शन दिया गया है। इसके बाद तीसरा ऑप्शन है कम: छूट / कटौती। इतना करने के बाद आपको कम्पेयर वाले बटन पर क्लिक करना होगा। उसके बाद सब कुछ आपके सामने डिस्प्ले हो जाएगा।
टैक्स स्लैब में हुए हैं बदलाव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए टैक्स स्लैब में बदलाव किए हैं। नई कर व्यवस्था में 2.5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। 2.5 लाख से 5 लाख तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा। 5 से 7.5 लाख तक आय पर 10 फीसदी का टैक्स लगेगा। पहले 10 फीसदी का स्लैब नहीं था। 7.5 लाख से 10 लाख की आय पर 15 फीसदी टैक्स होगा। 10 लाख से 12.5 लाख की आय पर 20 फीसदी टैक्स होगा। नई टैक्स व्यवस्था के तहत इसमें कोई डिडक्शन शामिल नहीं होगा, जो डिडक्शन लेना चाहते हैं वो पुरानी दरों से टैक्स दे सकते हैं। यानी कि टैक्सपेयर्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था होगी। यह नए स्लैब तब लागू होंगे, जब टैक्सपेयर अपने दूसरे एक्जेम्पशन यानी दूसरे छूट या लाभ को छोड़ेगा।